NEET पेपर लीक केवल परीक्षा घोटाला नहीं, विद्यार्थियों के सपनों की हत्या है; शिक्षा माफिया पर हत्या और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रत्येक गुनहगार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो : संयुक्त अभिभावक संघ*
By Goapl Gupta ·
04 Jun 2026 ·
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*NEET पेपर लीक केवल परीक्षा घोटाला नहीं, विद्यार्थियों के सपनों की हत्या है; शिक्षा माफिया पर हत्या और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले प्रत्येक गुनहगार पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो : संयुक्त अभिभावक संघ*
जयपुर। संयुक्त अभिभावक संघ ने NEET-UG परीक्षा में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और उसके बाद विद्यार्थियों पर पड़े मानसिक दबाव को देश की शिक्षा व्यवस्था का सबसे भयावह संकट बताते हुए कहा है कि अब यह मामला केवल परीक्षा की निष्पक्षता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन, भविष्य और अभिभावकों की उम्मीदों से जुड़ा राष्ट्रीय संकट बन चुका है।
हाल ही में एक छात्रा ने अपने अंतिम पत्र में लिखा कि उसके माता-पिता ने उसे डॉक्टर बनाने के लिए तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद उसमें दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं बचा। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है जो विद्यार्थियों को न्याय, सुरक्षा और विश्वास देने में विफल साबित हो रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार NEET-UG 2026 पेपर लीक और परीक्षा निरस्त होने के बाद देश के विभिन्न राज्यों में कई विद्यार्थियों की मौत के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पेपर लीक केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर मानसिक अत्याचार है।
*संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू* ने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक दिन-रात मेहनत करते हैं, अभिभावक अपनी जमा पूंजी, बचत और कर्ज तक दांव पर लगा देते हैं, लेकिन जब परीक्षा माफिया, भ्रष्ट तंत्र और प्रशासनिक विफलता के कारण पूरी परीक्षा व्यवस्था ही अविश्वसनीय हो जाए तो उसका सबसे बड़ा दुष्प्रभाव विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और अभिभावकों की पीड़ा के रूप में सामने आता है।
देश में पहले ही छात्र आत्महत्याओं के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। NCRB के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में देशभर में 14,488 छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामले दर्ज हुए, जो शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अव्यवस्थाएं विद्यार्थियों पर अतिरिक्त मानसिक बोझ डाल रही हैं।
*अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि* - "जब कोई बेटा या बेटी यह लिखकर दुनिया से विदा हो जाए कि उसके माता-पिता ने उसकी पढ़ाई के लिए कर्ज लिया था और उसमें दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं बचा, तब यह केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं बल्कि व्यवस्था द्वारा पैदा की गई निराशा और असुरक्षा का परिणाम है।"
"NEET पेपर लीक ने साबित कर दिया है कि देश की परीक्षा प्रणाली शिक्षा माफिया के सामने असहाय होती जा रही है। वर्षों की मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के सपनों को कुछ लोगों ने पैसे और प्रभाव के लिए बेच दिया। यह केवल परीक्षा में धांधली नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया संगठित अपराध है।"
*उन्होंने कहा कि,* "यदि सरकार वास्तव में विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील है तो केवल पुनर्परीक्षा करवाकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। जिन लोगों की लापरवाही, मिलीभगत या भ्रष्टाचार के कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ा, उन सभी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। जिन अपराधियों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के विश्वास के साथ धोखा किया है, उन पर धोखाधड़ी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।"
"देश जानना चाहता है कि आखिर हर वर्ष किसी न किसी परीक्षा का पेपर कैसे लीक हो जाता है? NEET, JEE, भर्ती परीक्षाएं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं लगातार विवादों में क्यों हैं? आखिर कब तक विद्यार्थियों को प्रयोगशाला का विषय बनाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता रहेगा?"
संयुक्त अभिभावक संघ का स्पष्ट मानना है कि जब तक शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही, पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों का विश्वास और देश का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। अब समय आ गया है कि शिक्षा माफिया के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर विद्यार्थियों को न्याय दिलाया जाए।
अभिषेक जैन बिट्टू
प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी
संयुक्त अभिभावक संघ, जयपुर
मो. : 9829566545