नीमकाथाना: निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण; ई-वेस्ट और बायो-मेडिकल वेस्ट के सही निस्तारण को लेकर अधिशाषी अधिकारी की सख्त हिदायत****
By Goapl Gupta ·
02 Jun 2026 ·
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*नीमकाथाना: निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण; ई-वेस्ट और बायो-मेडिकल वेस्ट के सही निस्तारण को लेकर अधिशाषी अधिकारी की सख्त हिदायत****
रिपोर्टर (शिंभू सिंह शेखावत) जनतंत्र की आवाज, राजस्थान
नीमकाथाना। नगर पालिका नीमकाथाना क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और जन-स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से आज अधिशाषी अधिकारी द्वारा क्षेत्र में संचालित विभिन्न निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया। इस औचक कार्रवाई से अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति रही।
निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अधिकारी ने अस्पतालों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को देखा। विशेष रूप से ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) और बायो-मेडिकल वेस्ट (जैव-चिकित्सीय कचरा) के रख-रखाव व निस्तारण की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया। कई अस्पतालों में नियमों की अनदेखी पाए जाने पर अधिशाषी अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान दी गई सख्त हिदायत और निर्देश:
ई-वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण: अस्पतालों में उपयोग होने वाले खराब मेडिकल उपकरण, मॉनिटर, बैटरियां, केबल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान (ई-वेस्ट) को सामान्य कचरे के साथ न मिलाने के निर्देश दिए गए। अधिशाषी अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि ई-वेस्ट का निस्तारण केवल अधिकृत रिसाइकलर्स के माध्यम से ही किया जाए।
बायो-मेडिकल वेस्ट का वर्गीकरण (Segregation): अस्पताल से निकलने वाले संक्रमित कचरे, सीरिंज, पट्टियां, और दवाओं को निर्धारित रंग के डस्टबिन (लाल, पीला, नीला, काला) में नियमानुसार अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहे।
सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: अधिशाषी अधिकारी ने सभी निजी अस्पताल संचालकों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ई-वेस्ट या बायो-मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकने या नगर पालिका के कचरा वाहनों में सामान्य कचरे के साथ मिलाकर देने की लापरवाही पाई गई, तो नगर पालिका अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत भारी जुर्माना वसूला जाएगा तथा संबंधित अस्पताल के खिलाफ सीलिंग व लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
अधिशाषी अधिकारी का वक्तव्य:
"चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी आमजन को निरोगी बनाना है। अस्पताल से निकलने वाला संक्रमित बायो-मेडिकल वेस्ट और घातक ई-वेस्ट यदि सही तरीके से निस्तारित नहीं होगा, तो यह पर्यावरण और मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा।