साइलेंट खतरा बन रहा फैटी लीवर, समय रहते संभल जाएं वरना पड़ सकता है भारी: डॉ. यासीन अली
By Goapl Gupta ·
01 Jun 2026 ·
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साइलेंट खतरा बन रहा फैटी लीवर, समय रहते संभल जाएं वरना पड़ सकता है भारी: डॉ. यासीन अली
जयपुर। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और बढ़ती लापरवाही के बीच फैटी लीवर डिसीज़ तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। यह एक ऐसी बीमारी है जो शुरुआत में बिना किसी खास लक्षण के शरीर में पनपती रहती है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है। जयपुर के चिकित्सक डॉ. यासीन अली ने फैटी लीवर को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉ. यासीन अली के अनुसार फैटी लीवर तब होता है जब लीवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है। इसके पीछे तला-भुना भोजन, फास्ट फूड, मोटापा, व्यायाम की कमी, डायबिटीज और खराब दिनचर्या बड़ी वजह हैं। उन्होंने बताया कि कई बार मरीज को लंबे समय तक इसका पता भी नहीं चलता। फैटी लीवर के मरीजों में पेट में भारीपन, थकान, कमजोरी, भूख कम लगना और पेट फूलने जैसी शिकायतें देखी जा सकती हैं। हालांकि कई लोगों में शुरुआती दौर में कोई लक्षण नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि इससे बचाव के लिए रोजाना पैदल चलना, वजन नियंत्रित रखना, हरी सब्जियां और फल खाना, पर्याप्त पानी पीना और तला-भुना भोजन कम करना बेहद जरूरी है। समय-समय पर जांच भी करानी चाहिए। डॉ. यासीन अली ने कहा कि सही समय पर पहचान और जीवनशैली में बदलाव से फैटी लीवर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शरीर के छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, क्योंकि स्वस्थ लीवर ही स्वस्थ शरीर की पहचान है।