9 मई को विद्यालयों में महाराणा प्रताप जयंती मनाने की राष्ट्रीय पहल
By Goapl Gupta ·
09 May 2026 ·
26 views
9 मई को विद्यालयों में महाराणा प्रताप जयंती मनाने की राष्ट्रीय पहल
उदयपुर विवेक अग्रवाल । महाराणा प्रताप जयंती को विद्यालयों में राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने की अभिनव पहल के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय “राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस” समारोह का आज भव्य समापन आलोक संस्थान सेक्टर 11 मे हुआ। मुख्य अतिथि शिक्षाविद एवं आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत थे।
इस अवसर पर शिक्षाविद एवं आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के स्वाभिमान, त्याग, संघर्ष और स्वतंत्रता चेतना के प्रतीक हैं। इसलिए उनकी जीवनगाथा को विद्यालयी पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
डॉ. कुमावत ने कहा कि आज की पीढ़ी को इतिहास के उन महानायकों से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है जिन्होंने राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि आलोक संस्थान के सभी विद्यालयों में महाराणा प्रताप की जीवनगाथा पर आधारित पाठ्यपुस्तक को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है तथा इसे इतिहास विषय की परीक्षा प्रणाली से भी जोड़ा गया है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि राजस्थान के सभी विद्यालयों में महाराणा प्रताप की संक्षिप्त एवं प्रेरणादायी जीवनगाथा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव की भावना विकसित हो सके।
उल्लेखनीय है कि डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा लिखित देश की पहली बालोपयोगी पाठ्यपुस्तक “शौर्यगाथा : महाराणा प्रताप” का हाल ही में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा जयपुर में विमोचन किया गया था।
डॉ. कुमावत ने बताया कि तिथि अनुसार महाराणा प्रताप जयंती जून माह में आती है उस समय विद्यालयों में अवकाश रहता है। इसी कारण अधिकांश विद्यालयों में महाराणा प्रताप जयंती नहीं मनाई जाती। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए 9 मई को विद्यालयों में विशेष रूप से “राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस” के रूप में प्रताप जयंती मनाने की पहल प्रारंभ की गई है ताकि विद्यार्थियों को उनके आदर्शों से जोड़ा जा सके।
समारोह के अंतर्गत आलोक विद्यालय में लगभग 500 छात्र-छात्राओं ने महाराणा प्रताप की जीवनगाथा पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लिया। समापन समारोह में डॉ. प्रदीप कुमावत ने महाराणा प्रताप का दुग्धाभिषेक किया तथा कहा कि आगामी चरण में हर घर में महाराणा प्रताप की छोटी-छोटी प्रतिमाएँ स्थापित कराने का अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की गौरवशाली शौर्य परंपरा में महाराणा राणा सांगा तथा पृथ्वीराज चौहान का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दृष्टि से विद्यालय स्तर की सरल एवं प्रेरणादायी पाठ्यपुस्तकों का निर्माण भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में सत्यवान सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा रचित महाराणा प्रताप की नई आरती का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ संस्था प्रधान शशांक टांक के स्वागत उद्बोधन से हुआ। अंत में प्रतीक कुमावत ने आभार व्यक्त किया, जबकि अतिथियों को प्रतीक चिन्ह जयपाल सिंह रावत ने भेंट किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा लिखित पुस्तक “महाराणा प्रताप” की प्रतियाँ विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों को भेंट की गईं तथा उनसे आग्रह किया गया कि इस पुस्तक को शीघ्र विद्यालयी पाठ्यक्रम से जोड़ा जाए।
डॉ. कुमावत ने बताया कि राज्य सरकार को भी पत्र लिखकर सभी सरकारी विद्यालयों में इस पाठ्यक्रम को लागू करने की मांग की गई है। साथ ही देश के प्रधानमंत्री को पुनः पत्र लिखकर मांग की गई है कि 9 मई को “राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस” घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि तिथि अनुसार महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाती रहे, किन्तु 9 मई को राष्ट्र स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाना चाहिए।