मुआवजा, जैविक खेती व भूमि संरक्षण पर गूंजा किसान सम्मेलन युवाओं को नशामुक्ति व स्वरोजगार का संदेश सैकड़ों गांवों से जुटे किसान
By Goapl Gupta ·
30 Apr 2026 ·
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मुआवजा, जैविक खेती व भूमि संरक्षण पर गूंजा किसान सम्मेलन
युवाओं को नशामुक्ति व स्वरोजगार का संदेश
सैकड़ों गांवों से जुटे किसान
चौमूं। भारतीय किसान संघ के जिला स्तरीय किसान सम्मेलन में गुरुवार को किसानों के मुद्दों पर बड़ा मंथन हुआ। चौमूं सब्जी मंडी प्रांगण में आयोजित सम्मेलन में मुआवजा, जैविक खेती, कृषि भूमि संरक्षण और युवाओं के भविष्य जैसे अहम विषयों पर जोरदार चर्चा हुई।
किसान सम्मेलन का शुभारंभ अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह के संबोधन से हुआ। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए संगठन की एकजुटता को जरूरी बताया। अखिल भारतीय महिला प्रमुख मंजू दीक्षित ने महिला किसानों की भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने युवाओं को नशामुक्ति अपनाने और स्वरोजगार की ओर बढ़ने का संदेश दिया।
चित्तौड़गढ़ प्रांत संगठन मंत्री परमानंद ने ग्राम समितियों को मजबूत करने की आवश्यकता जताई, जबकि प्रदेश महामंत्री तुलछाराम ने भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर संगठन का स्पष्ट पक्ष रखा। प्रांत महामंत्री डॉ. सांवरमल सोलेट ने बताया कि डिजिटल सेटलमेंट के जरिए हजारों किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया है। ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम पर अनुदान, दुग्ध प्रोत्साहन योजनाओं को जारी रखने और अनाज मंडियों में अवैध कटौती रोकने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।
वक्ताओं ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, शोषण से बचने के लिए संगठित रहने और गो-आधारित जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। देशभक्ति कविता की प्रस्तुति ने माहौल को प्रेरणादायक बना दिया।
सम्मेलन में जगतगुरु रामानंदाचार्य श्री अवधबिहारी देवाचार्य महाराज, समाजसेवी सुभाष बरा, समाजसेवी फूलचंद वर्मा, भारतीय किसान संघ प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद धारनिया, सांभर तहसील अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण, प्रांत अध्यक्ष कालूराम बागड़ा, संगठन मंत्री नीरज, जिला कोषाध्यक्ष भगवान सहाय बिजारणिया, तहसील अध्यक्ष हनुमान सिंह नाथावत, मंत्री अजय पलसानिया, जिला युवा प्रमुख ओमप्रकाश लांबा, संभाग मंत्री जगदीश कनीनवाल, प्रहलाद डूंडक, राजेंद्र मावड़ी, बनवारी लाल स्वामी, विकास मीणा, मालीराम टूण्डक सहित अनेक लोग उपस्थित थे
सम्मेलन में किसानों की प्रमुख समस्याओं पर भी चर्चा हुई, जिसमें उचित मुआवजा, सड़क निर्माण में भूमि अधिग्रहण और हाईवे किनारे निर्माण से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।