कल सीता नवमी पर “आओ मंदिर चलें” भक्ति आंदोलन की 200वीं भव्य सामूहिक आरती
By Goapl Gupta ·
25 Apr 2026 ·
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कल सीता नवमी पर “आओ मंदिर चलें” भक्ति आंदोलन की 200वीं भव्य सामूहिक आरती
उदयपुर जनतंत्र की आवाज विवेक अग्रवाल। कल शनिवार, सीता नवमी एवं माँ जानकी जन्मोत्सव के पावन अवसर पर “आओ मंदिर चलें” भक्ति आंदोलन के अंतर्गत विगत 4 वर्षों से निरंतर चल रही सामूहिक हनुमान चालीसा, राम स्तुति एवं आरती के क्रम में 200वीं भव्य आरती का आयोजन श्री वानेश्वर हनुमान मंदिर, गणपति विहार, पानेरियों की मादड़ी में सायं 7.30से 8.30 बजे संपन्न होगा।
यह केवल एक आरती नहीं, बल्कि सनातन चेतना, सामाजिक समरसता एवं भक्ति जागरण का एक ऐतिहासिक पड़ाव है। इसी श्री वानेश्वर हनुमान मंदिर से 4 वर्ष पूर्व “आओ मंदिर चलें” भक्ति आंदोलन की प्रथम आरती प्रारंभ हुई थी। तभी से प्रत्येक 100वीं आरती पूर्ण होने पर इसी पावन स्थल पर पुनः नव संकल्प लेकर आगामी 100 आरतियों का क्रम प्रारंभ करने की परंपरा स्थापित हुई है।
इस विशेष अवसर पर “आओ मंदिर चलें” अभियान से जुड़े सभी भक्तगण, मातृशक्ति एवं क्षेत्रवासी सामूहिक भजन संध्या, हनुमान चालीसा, राम स्तुति एवं महाआरती में सहभागिता करेंगे। सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे अपने घर से एक दीपक माँ जानकी को समर्पित करने हेतु साथ लेकर आएं तथा मंदिर प्रांगण में दीप प्रज्वलित कर माँ जानकी जन्मोत्सव को उत्साहपूर्वक मनाएं।
कार्यक्रम के अंतर्गत “आओ मंदिर चलें” टोली द्वारा 200 सनातनी टेंपो चालक बंधुओं को उनकी एवं उनकी सवारी की मंगलकामना हेतु मंगलपताका स्वरूप बालाजी की चित्रयुक्त भगवा ध्वज भेंट किए जाएंगे, जिससे सनातन चेतना और श्रद्धा का संदेश जन-जन तक पहुंचे।
इस अवसर पर मातृशक्ति द्वारा भजन प्रस्तुति दी जाएगी, वहीं अभियान से जुड़ी नन्ही बालिकाओं द्वारा उद्घोष एवं संकल्प मंत्र के माध्यम से सभी भक्तों को राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के प्रति समर्पण का भाव कराया जाएगा।
श्री वानेश्वर हनुमान मंदिर समिति द्वारा सभी व्यवस्थाओं के साथ-साथ आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु ठंडाई एवं प्रसाद की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
“आओ मंदिर चलें” न्यास ने समस्त सनातन प्रेमी नागरिकों, भक्तों एवं परिवारों से सपरिवार पधारकर इस ऐतिहासिक 200वीं आरती के पुण्य अवसर का सहभागी बनने का आग्रह किया है। यह जानकारी आओ मंदिर चले के मिडिया प्रमुख अरुण सिंह राठौड़ ने दी।