डाबला में खनन के खिलाफ ग्रामीणों की एकजुटता रंग लाई, अधिकारी झुके*
By Goapl Gupta ·
13 Jun 2026 ·
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*डाबला में खनन के खिलाफ ग्रामीणों की एकजुटता रंग लाई, अधिकारी झुके*
रिपोर्टर (शिंभू सिंह शेखावत) जनतंत्र की आवाज ,राजस्थान
*डाबला, पाटन*। डाबला गांव की पहाड़ियों पर खनन की NOC जारी करने के लिए पर्यावरण विभाग ने आज 12 जून 2026 को ग्राम पंचायत डाबला में जनसुनवाई बुलाई थी। ग्रामीणों के तगड़े विरोध के सामने अधिकारियों को कदम पीछे खींचने पड़े।
जनसुनवाई में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री भागीरथ जी साथ और पर्यावरण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के आने से पहले ही पंचायत भवन के बाहर ग्रामीणों का भारी हुजूम जमा हो गया। महिलाएं, पशुपालक और गणमान्य लोग तख्तियां लेकर पहुंचे। "भारत माता जिंदाबाद" और "खन माफिया वापस जाओ" के नारे पूरे गांव में गूंजे।
ग्राम पंचायत डाबला के सरपंच श्री सागरमल जी यादव, वीर चक्र भाई जयराम सिंह जी डाबला समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर रहीं। पशुपालक अपने पशुओं के साथ पहुंचे और अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने कहा कि खन शुरू हुआ तो उनके पशु बेघर हो जाएंगे। इसी पशुपालन से वे अपने बच्चों का भरण पोषण करते हैं।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 100 मीटर से ऊंची पहाड़ी अरावली श्रृंखला का हिस्सा मानी जाती है और वहां खन प्रतिबंधित है। डाबला की पहाड़ियों की ऊंचाई 100 मीटर से ज्यादा है। साथ ही NGT के आदेश भी दिए जिसमें लिखा है कि खन क्षेत्र से लिंक रोड तक पक्की सड़क जरूरी है। जबकि डाबला में वैधानिक रास्ता तक मौजूद नहीं है।
ग्रामीणों का विरोध देखकर अधिकारियों को उनकी बात माननी पड़ी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि पहले पहाड़ों की ऊंचाई का वैज्ञानिक मैपिंग करवाया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कोई फैसला होगा। उन्होंने साफ कहा कि ग्रामीण जो चाहेंगे वही होगा।
अभी के लिए डाबला की पहाड़ियों पर खन का खतरा टल गया है। गांव में एकता की इस जीत से खुशी का माहौल है।