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8 मार्च-अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस* *महिला सशक्तिकरण और महिला यात्रियों की सुविधाओं के लिए* *उत्तर पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता*

By Goapl Gupta · 07 Mar 2026 · 24 views
*8 मार्च-अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस*
*महिला सशक्तिकरण और महिला यात्रियों की सुविधाओं के लिए*
*उत्तर पश्चिम रेलवे की प्रतिबद्धता*

*उत्तर पश्चिम रेलवे पर कार्यरत 2864 महिला रेलकर्मी रेल संचालन, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं से जुडें कार्यों में निभा रही है अहम जिम्मेदारियां*

*नारी शक्ति से विकसित भारत की परिकल्पना हो रही साकार*

रेलवे सदैव अपने यात्रियों को बेहतर सेवा देने के लिए कटिबद्ध है। रेलवे द्वारा महिलाओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए सदैव कार्य किए जा रहे हैं। रेलवे द्वारा महिलाओं के लिए रेल यात्रा को सुगम बनाने के लिए ट्रेनो तथा स्टेशनों पर विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे पर महिला सशक्तिकरण के लिए भी अनेक कार्य रेलवे द्वारा किए जा रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बढते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्तमान में 2864 महिला कर्मचारी विभिन्न पदों पर कार्यरत् है। यह महिलाकर्मी स्टेशन मास्टर, लोको पायलेट, ट्रेक मैंटेनर, डीजल शैड और वर्कशॉप में इंजीनियर व खलासी, रेलवे सुरक्षा बल, टीटीई, नर्सिगकर्मी, चिकित्सक, गार्ड इत्यादि पदों पर बखूबी अपना दायित्व निभा रही है। इसके साथ ही उत्तर पश्चिम रेलवे पर कार्यरत् महिला खिलाडियों ने भी देश-विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में मैडल प्राप्त कर देश को गौरवान्वित किया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर कार्यरत् 2864 महिला रेलकर्मियों में से 28 महिलाएं लोको पायलेट के पद पर कार्य कर रही है। रेलवे में लोको पायलेट का कार्यभार चुनौतीपूर्ण माना जाता है जिसमे बहुत ही सतर्कता और मुस्तैदी के साथ 24x7 ट्रेन संचालन करना होता है। लोको पायलेट के पद पर अब महिलाएं अपनी ड्यूटी को बखूबी कर पुरूषों के साथ-साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है। इसी प्रकार रेलवे में अन्य महत्वपूर्ण और चुनौती वाले कार्य जैसे ट्रैक मेंटेनर के पद पर 169, पोइन्टसमैन के पद पर 155, स्टेशन मास्टर के पद पर 79 और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) के पद पर 17 महिला कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रही है।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर पश्चिम सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये रेलवे सुरक्षा बल में महिला बटालियनों की स्थापना की गई है। वर्तमान में उत्तर पश्चिम रेलवे पर 237 महिला सुरक्षाकर्मी कार्यरत है जो महिला सुरक्षा अभियान मेरी सहेली में अहम भूमिका का निर्वहन कर रही है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल करते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे के गांधीनगर जयपुर स्टेशन को सम्पूर्ण भारतीय रेल में पहले गैर उपनगरीय स्टेशन के रूप में दिनांक 19.02.2018 को स्थापित किया गया जो पूर्णतया महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है। यहाँ सभी पदों पर स्टेशन मास्टर से कांटेवाला, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक, टिकट संग्राहक से रेल सुरक्षा बल की कमान महिलाओं द्वारा संभाली जा रही है। गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर कार्यरत् महिला कर्मचारियों को आत्मविश्वास से कार्य करने हेतु विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिसके कारण यहाँ कार्यरत् महिला रेलकर्मी बेहतर और पूर्ण आत्मविश्वास के साथ कार्य कर रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के गॉधीनगर स्टेशन पर समस्त महिला कर्मचारी पूर्ण उत्साह के साथ अपने कार्यों निष्पादित कर रही और वर्तमान में गांधीनगर जयपुर सबसे कार्यकुशल स्टेशन की श्रेणी में सम्मलित है।

रेलवे द्वारा महिला रेलकर्मियों को कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाती है ताकि यह कर्मचारी बेहतर तरीके से अपना कार्य निष्पादित कर सके। लोको पायलेट व ट्रेन मैनेजर महिला कर्मचारियों के लिए रनिंग रूम में पृथक सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके साथ ही प्रमुख कार्यालयों में महिलाओं के लिए पृथक लंच रूम, सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मशीन तथा इन्सीनरेटर मशीन, कार्यरत महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल हेतु क्रेच की सुविधा प्रदान की गई है।

रेलवे द्वारा यात्रा करने वाली रेल महिला यात्रियों की सुगम यात्रा के लिए निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है-

*महिला कोच*- लम्बी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में महिलाओं के लिए एक अलग अनारक्षित डिब्बा लगा होता है, जो गार्ड के केबिन से जुड़ा होता है।

*लोअर बर्थ का कोटा*- सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में सभी आरक्षित श्रेणियों में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ 45 वर्ष या अधिक आयु की महिला यात्रियों के लिए तथा गर्भवती महिलाओं (चिकित्सक के प्रमाण पत्र के साथ) के लिए शयनयान श्रेणी के प्रत्येक डिब्बें में 08 लोअर बर्थ तक का तथा थर्ड एसी/सैकण्ड एसी के प्रत्येक डिब्बें में 04 लोअर बर्थ का संयुक्त कोटा होता है। राजधानी/दुरंतो या पूर्णतया वातानुकूलित एक्सप्रेस ट्रेनों में सैकण्ड एसी में 04 तथा थर्ड एसी में 05 सीट का यह कोटा आवंटित है।

*महिला कोटा*- गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन में थर्ड एसी श्रेणी में 06 बर्थ का पृथक कोटा महिलाओं के लिए दिया गया है, जिसमे आयु का कोई बंधन नहीं है। इस कोटे का उपयोग केवल महिला यात्रियों द्वारा किया जायेगा जो अकेले या महिला समूह में यात्रा कर रही हैं। आरक्षण सुविधा वाली गाड़ियों में मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों के शयनयान श्रेणी में 06 बर्थ का कोटा महिलाओं के लिए चिन्हित किया गया है।

*महिला कोटा का आवंटन*- महिलाओं के लिए कोटे की सीटों के उपयोग में प्रथम आरक्षण चार्ट बनने तक इस कोटे में सिर्फ अकेली महिला या महिलाओं के समूह का आरक्षण होगा। प्रथम आरक्षण चार्ट के तैयार होते समय अप्रयुक्त महिला कोटे के सीटों को पहले महिला वेटिंग यात्रियों को दिया जायेगा। तत्पश्चात् बची हुई महिला कोटे की बर्थ वरिष्ठ नागरिकों को दी जायेगी। प्रथम आरक्षण चार्ट बनने के बाद अकेली महिला यात्रियों को बर्थ आवंटन के पश्चात् भी यदि महिला कोटे की बर्थ बचती है, तो कार्यरत टिकट चैकिंग स्टाफ इन बर्थों को आरएसी (RAC) कन्फर्म टिकटों पर अन्य महिला/वरिष्ठ नागरिकों को आवंटित कर सकेगा। इसके लिए उन्हें आरक्षण चार्ट में आवश्यक प्रविष्ठियॉ करनी होगी।

*आरक्षण केन्द्र पर*- सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों पर आरक्षण कार्यालय में महिलाओं के लिए पृथक लाइन की व्यवस्था होती है, जिसमें कोई महिला वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, विदेशी पर्यटकों के साथ अपना टिकट आरक्षित करवा सकती है।

*अन्य सुविधाएं* - महत्वपूर्ण स्टेशनों पर महिलाओं के लिए पृथक महिला प्रतीक्षा कक्ष की व्यवस्था होती है, जहॉ महिलाओं के साथ 12 वर्ष से कम आयु के बच्चे गाड़ी के आगमन/प्रस्थान के समय प्रतीक्षा कर सकते है। इसके साथ ही स्टेशनो पर स्थापित किये गये बेबी फीडिंग रूम में महिला अपने शिशुओं को स्तनपान करवा सकती है।

इसके साथ ही स्टेशनों पर महिलाओं को प्लेटफार्म पर आने जाने में कठिनाई न हो, इसके लिये लिफ्ट तथा एस्केलेटर लगाये गये है। उत्तर पश्चिम रेलवे के 50 एस्केलेटर तथा 36 लिफ्ट स्थापित की गई है।

*स्वच्छता-* महिलाओं को बेहतर स्वच्छता सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रमुख स्टेशनों पर सेनेटरी नैपकीन वेडिंग मशीन तथा इन्सीनरेटर मशीन लगाई गई है।

*महिला सुरक्षा*- स्टेशनों तथा रेलगाड़ी में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन संख्या 139 उपलब्ध कराई गई हैं। बेहतर सुरक्षा के लिए स्टेशनों एवं गाड़ियों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे है। उत्तर पश्चिम रेलवे के ए-1 और ए श्रेणी के समस्त स्टेषनों सहित 35 स्टेशनों पर वाडियों सर्विसलांस हेतु कैमरे लगाए गए है।

8 मार्च को आयोजित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम *गिव टू गेन* पर उत्तर पश्चिम रेलवे पर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए अनेक कार्यक्रमों का आयोजन मुख्यालय व सभी मण्डलों में किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर कार्यरत महिला रेलकर्मियों के साथ-साथ सभी महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए क्विज प्रतियोगिताएं, सेमीनार, परिचर्चा, पेटिंग प्रतियोगिता, काव्य पाठ का आयोजन किया जा रहा है।

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